बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला में स्थित अचानकमार टाइगर रिजर्व से भ्रष्टाचार की बड़ी खबर सामने आई है, जहां वन विभाग के दो अधिकारियों को रिश्वत लेते एसीबी ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने विभाग के भीतर चल रहे अवैध खेल की पोल खोल दी है।

एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर की टीम ने सुरही रेंज के रेंजर पल्लव नायक और डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। दोनों अधिकारी जब्त वाहन छोड़ने और चालान पेश करने के नाम पर मोटी रकम की डिमांड कर रहे थे।शिकायतकर्ता अजीत कुमार वैष्णव ने एसीबी को बताया कि दिसंबर 2025 में सोशल मीडिया पर वायरल एक रील के बाद वन विभाग ने उनकी गाड़ी जब्त कर ली थी। इस केस में कार्रवाई के नाम पर पहले जेल भेजा गया और फिर बाहर आने के बाद पैसे की मांग शुरू हो गई।

डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव ने चालान पेश करने में 4 से 5 लाख खर्च होने का डर दिखाकर 70 हजार रुपए रिश्वत मांगी। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और 26 मार्च को रिश्वत की पहली किश्त लेते ही दोनों अधिकारियों को पकड़ लिया।कार्रवाई के दौरान मौके से 50 हजार रुपए बरामद किए गए। एसीबी ने मनीष श्रीवास्तव पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और पल्लव नायक पर धारा 7 व 12 के तहत केस दर्ज किया है।

एसीबी डीएसपी ने बताया कि पिछले दो सालों में यह बिलासपुर की 45वीं ट्रैप कार्रवाई है, जो यह दिखाती है कि सिस्टम के भीतर भ्रष्टाचार कितनी गहराई तक फैला हुआ है।एसीबी ने जनता से अपील की है कि अगर कोई भी सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो तुरंत शिकायत करें। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अब भ्रष्टाचार करने वालों के लिए बचना आसान नहीं होगा।
देखें वीडियो
