बिलासपुर :- तेज आंधी-तूफान और बारिश के बाद शहर में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पूरे शहर में रातभर अंधेरा छाया रहा, जिससे लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ गई है। इस मुद्दे को लेकर बिलासपुर के पूर्व नगर विधायक शैलेष पांडेय ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
शैलेष पांडेय ने कहा कि गंगोत्री से गंगासागर तक भाजपा की सरकार होने के बावजूद बिलासपुर के लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौसम विभाग द्वारा पहले ही अलर्ट जारी किए जाने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस तैयारी नहीं की, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा।
उन्होंने यह भी कहा कि आंधी के कारण शहरभर में गिरे पेड़ों को हटाने में निगम प्रशासन पूरी तरह विफल रहा। सड़कों पर घंटों जाम लगा रहा, लेकिन कहीं भी जेसीबी या प्रशासनिक अमले की सक्रियता नजर नहीं आई। स्थिति इतनी खराब रही कि आम लोग खुद ही पेड़ हटाने में जुटे दिखे, जबकि जिम्मेदार विभाग मौके से गायब रहे।

पूर्व विधायक ने बिजली विभाग की सीमित संसाधनों के बावजूद की जा रही कोशिशों का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे शहर को केवल इसी विभाग के भरोसे छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच इस तरह की लापरवाही सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाती है और इससे जनता का भरोसा लगातार कम होता जा रहा है।
