अंबिकापुर के दरिमा (मां महामाया) एयरपोर्ट से नई दिल्ली और कोलकाता के लिए सीधी हवाई सेवा की शुरुआत ने सरगुजा के वर्षों पुराने सपनों को साकार कर दिया है। यह केवल एक नई उड़ान नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास, पहचान और संभावनाओं की नई शुरुआत मानी जा रही है।

लंबे समय से सरगुजा को हवाई सेवा से जोड़ने की मांग उठती रही थी। एयरपोर्ट बनने के बाद भी जब उड़ानें बंद हो गईं, तो लोगों में निराशा का माहौल था। लेकिन अब एक बार फिर शुरू हुई यह सेवा क्षेत्र के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है।इस ऐतिहासिक मौके को और खास बनाते हुए सांसद चिंतामणि महाराज स्वयं इस उड़ान के पहले यात्री बने। उन्होंने विमान में यात्रियों से आत्मीय मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। यह दृश्य एक जनप्रतिनिधि और जनता के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है।

यात्रियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे सरगुजा के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। लोगों का कहना है कि अब उन्हें बड़े शहरों तक पहुंचने में समय और सुविधा दोनों की बचत होगी, जिससे जीवन और व्यवसाय दोनों आसान होंगे।इस सेवा को शुरू कराने के पीछे सांसद चिंतामणि महाराज का लगातार प्रयास और समर्पण रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार, राज्य सरकार, उड्डयन मंत्रालय और विमानन कंपनियों से लगातार संपर्क बनाकर इस मुद्दे को प्राथमिकता में बनाए रखा।

दिल्ली में उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों और केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर उन्होंने इस विषय को गंभीरता से उठाया। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य के अधिकारियों के साथ समन्वय कर तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।अब एलायंस एयर द्वारा सप्ताह में चार दिन यह सेवा संचालित की जाएगी, जिससे सरगुजा सीधे देश के प्रमुख महानगरों से जुड़ गया है। इससे व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है।

मैनपाट जैसे पर्यटन स्थलों को भी इस सेवा से नई पहचान मिलने की संभावना है। कुल मिलाकर यह हवाई सेवा केवल दूरी कम करने का जरिया नहीं, बल्कि सरगुजा के विकास, सपनों और भविष्य को नई उड़ान देने वाला ऐतिहासिक कदम बन गई है।
