बिलासपुर :- डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के जेपी चौबे सेंट्रल लाइब्रेरी में विद्यार्थियों के लिए आयोजित एक माह के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकालय की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं का व्यावहारिक अनुभव कराना था।प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने पुस्तकों के चयन, वर्गीकरण, सूचीकरण, रख-रखाव, निर्गमन और वापसी प्रक्रिया के साथ पाठक सेवाओं की जानकारी हासिल की। आधुनिक पुस्तकालय व्यवस्था और अध्ययन-शोध में इसकी भूमिका से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया गया।

समापन अवसर पर विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण के दौरान सीखी बातों को विभिन्न मॉडलों और प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया। मॉडलों में पुस्तकालय की अलग-अलग प्रक्रियाओं को सरल और रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिसे अतिथियों ने सराहा।कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार घोष, कुलसचिव डॉ. अरविंद कुमार तिवारी, समकुलपति डॉ. जयंति चटर्जी और जेपी चौबे सेंट्रल लाइब्रेरी की लाइब्रेरियन डॉ. संगीता सिंह मौजूद रहीं। अतिथियों ने विद्यार्थियों के मॉडलों का अवलोकन कर उनके प्रयासों की प्रशंसा की।

कुलपति प्रो. घोष ने कहा कि शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जा सकता। व्यावहारिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों की समझ और कार्यकुशलता को बढ़ाता है। कुलसचिव ने पुस्तकालय को शिक्षण संस्थान की ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण आधार बताया।

समकुलपति डॉ. जयंति चटर्जी ने कहा कि अनुभव आधारित शिक्षा विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच विकसित करती है। वहीं लाइब्रेरियन डॉ. संगीता सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों ने पूरे एक माह उत्साह के साथ प्रशिक्षण लिया और अंतिम दिन अपने अर्जित ज्ञान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
