बिलासपुर रेल हादसे के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव आज शहर पहुंचे। उन्होंने विभिन्न अस्पतालों का दौरा कर घायलों का हाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल हो चुके हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा, सख्त कार्रवाई होगी।

लालखदान के पास हुए इस भीषण रेल हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। मंगलवार शाम मेमू ट्रेन और खड़ी मालगाड़ी की जोरदार टक्कर में कई लोगों की जान गई और कई घायल हो गए। हादसे के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने हालात का जायजा लेने सिम्स, अपोलो, रेलवे अस्पताल और अरपा मेडसिटी का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया।उपमुख्यमंत्री साव ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी घायल के इलाज में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायलों के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगाई जाए और जरूरत पड़ने पर अन्य शहरों से भी मदद ली जाए। इस दौरान उनके साथ महापौर पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसपी रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल मौजूद थे।अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि हादसे में अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो जिम्मेदार अफसर या कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

इधर, इस रेल हादसे को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब प्रदेश में इतना बड़ा हादसा हुआ है, तब राज्योत्सव जैसे आयोजनों को स्थगित किया जाना चाहिए था। कांग्रेस ने इस घटना को सरकार की संवेदनहीनता बताया।कांग्रेस के आरोपों पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह दुख की घड़ी है, राजनीति का समय नहीं। उन्होंने कहा कि अभी प्राथमिकता घायलों का इलाज और मृतकों के परिवारों को संबल देना है। अरुण साव ने मीडिया से भी अपील की कि वे संवेदनशील खबरें जिम्मेदारी से प्रसारित करें और अफवाहों से बचें।

बिलासपुर रेल हादसे की जांच जारी है और प्रशासन लगातार राहत कार्यों की निगरानी कर रहा है। एनडीआरएफ और रेलवे टीम ने रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था। वहीं अब पूरे मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार है, ताकि जिम्मेदारी तय हो सके और भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
