बिलासपुर :- बिलासपुर में मंगलवार शाम हुए रेल हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। लालखदान के पास गेवरारोड से आ रही मेमू लोकल ट्रेन उसी ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मेमू ट्रेन का मोटर कोच पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हादसे में 11 यात्रियों की मौत और 20 से अधिक यात्री घायल हुए हैं।

मंगलवार शाम करीब 4 बजकर 10 मिनट पर यह हादसा हुआ, जब मेमू लोकल ट्रेन लालखदान सबवे और ओवरब्रिज के बीच पहुंची थी। सामने उसी अप लाइन पर मालगाड़ी खड़ी थी। तेज रफ्तार में आई मेमू ट्रेन उसके गार्ड केबिन से जा टकराई। टक्कर इतनी भयावह थी कि मेमू का अगला हिस्सा मालगाड़ी पर चढ़ गया और कोच के परखच्चे उड़ गए।हादसे में मेमू ट्रेन के चालक विद्यासागर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सहायक चालक रश्मि राज और मालगाड़ी के गार्ड शैलेश चंद्र ने खतरा भांपकर ट्रेन से छलांग लगा दी। दोनों को गंभीर चोटें आईं और उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल दोनों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।टक्कर के बाद इंजन का अगला हिस्सा पूरी तरह मुड़ गया, जिससे शव अंदर ही फंस गए।

राहत दल ने शीशे तोड़ने के बाद कटर मशीन की मदद से कोच काटकर शवों को बाहर निकाला। पूरी रात बचाव अभियान चला, जिसमें रेलवे, एनडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमों ने मिलकर काम किया।घटना की सूचना मिलते ही रेलवे जीएम, डीआरएम, कलेक्टर, एसपी और कमिश्नर सहित पूरा प्रशासन मौके पर पहुंचा। घायलों को सिम्स, जिला अस्पताल और रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

रेलवे प्रशासन ने सभी घायलों को ₹50,000 की तत्काल सहायता राशि प्रदान की है।रेलवे की रिपोर्ट के अनुसार डाउन मेन लाइन का परिचालन शाम 6:16 बजे, जबकि मिड लाइन रात 9:35 बजे और अप आउटर लाइन सुबह 5:30 बजे तक बहाल कर दी गई। हादसे की जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सिग्नलिंग त्रुटि या तकनीकी खराबी को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
