बिलासपुर :- महाराष्ट्र की राजनीति के ‘दादा’ को आज बारामती की धरती पर अंतिम विदाई दी गई। पूरे राजकीय सम्मान के साथ जैसे ही दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का पार्थिव शरीर श्मशान घाट पहुंचा, वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच मुखाग्नि दी गई, तो पूरा वातावरण शोक और मौन में डूब गया।
प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिससे अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण था कि नेतृत्व केवल पद से नहीं, बल्कि जनता से जुड़े रिश्तों और जनसेवा से अमर होता है। समर्थक, कार्यकर्ता और आम नागरिक अपने प्रिय नेता को अंतिम बार देखने के लिए घंटों तक कतार में खड़े नजर आए।

हर आंख में आंसू और हर दिल में एक ही भाव था—एक युग का अंत।इस गमगीन मौके पर छत्तीसगढ़ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नीलेश बिस्वास विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने दिवंगत नेता की चिता और छायाचित्र पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। शोकसंतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और इस दुख की घड़ी में एकजुटता का संदेश दिया।

श्रद्धांजलि के बाद नीलेश बिस्वास ने कहा कि अजीत पवार का निधन न केवल महाराष्ट्र बल्कि देश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। एक कुशल प्रशासक और जननेता के रूप में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। अंतिम संस्कार में विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे, जो यह दर्शाता है कि दिवंगत नेता का प्रभाव क्षेत्रीय सीमाओं से कहीं आगे तक था।
