बिलासपुर :-छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25वें वर्ष पर आयोजित राज्योत्सव में एनटीपीसी सीपत ने अपनी शानदार भागीदारी से सबका ध्यान खींचा। 2 से 4 नवंबर 2025 तक बिलासपुर के पुलिस ग्राउंड में आयोजित इस आयोजन में एनटीपीसी ने ऊर्जा उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में किए जा रहे कार्यों की झलक पेश की।राज्य की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादन परियोजना होने के नाते एनटीपीसी सीपत के स्टॉल और झांकी ने आकर्षण का केंद्र बनाया। कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता, परियोजना उपलब्धियों और निर्माणाधीन 800 मेगावाट क्षमता वाले स्टेज-III की प्रगति को प्रदर्शित किया, जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मार्च 2025 को किया था।

स्टॉल में प्रदर्शित किया गया ‘सुख’ ईको हाउस, राखड़ से बने ईंटें, पार्क टेबल, बेंच, जियो पॉलिमर गिट्टी और इंटरलॉकिंग वॉल ब्लॉक्स आगंतुकों के लिए खास आकर्षण बने। पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीक और राखड़ के पुनः उपयोग की यह पहल एनटीपीसी के हरित नवाचार की दिशा को दर्शाती है।एनटीपीसी सीपत ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कार्यक्रमों के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल रहे, जिन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने में अहम भूमिका निभाई है।

कार्यक्रम में एनटीपीसी सीपत द्वारा प्रशिक्षित चार स्वयं सहायता समूह लक्ष्मी, जागृति, उन्नति और संस्कृति ने भी अपनी भागीदारी दी। इन समूहों ने मसाला निर्माण, सिलाई-कढ़ाई और अन्य हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया, जिससे स्थानीय महिलाओं के स्वरोजगार और सशक्तिकरण को नई दिशा मिली।राज्योत्सव का शुभारंभ 2 नवंबर 2025 को केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के हाथों हुआ। इस अवसर पर एनटीपीसी सीपत की ओर से महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) श्री सुरोजित सिन्हा उपस्थित रहे।तीन दिनों तक चले इस आयोजन में एनटीपीसी सीपत की झांकी और स्टॉल ने यह संदेश दिया कि ऊर्जा उत्पादन केवल विकास नहीं, बल्कि पर्यावरण और समाज के संतुलित भविष्य की दिशा में एक प्रतिबद्ध प्रयास है।
