बिलासपुर :- दौरान नाइसटेक संस्था के सहयोग से निशुल्क रोज़गार मेला भी आयोजित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से विभिन्न संस्थाओं से जुड़कर युवाओं को रोज़गार के अवसरों की जानकारी दी जाएगी और उनका ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन भी कराया जाएगा। यह पहल युवाओं को सही दिशा दिखाने और आत्मनिर्भर बनने की ओर एक सशक्त कदम होगी।

पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदारी: ग्रीन बिलासपुर अभियान
यह मेला केवल व्यवसाय और मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक मज़बूत संदेश देता है। आयोजन स्थल को पॉलीथिन-फ्री ज़ोन बनाया जाएगा और सभी आगंतुकों को क्लॉथ बैग वितरित किए जाएंगे। प्लास्टिक के उपयोग के विरुद्ध जागरूकता फैलाकर यह आयोजन पर्यावरण-अनुकूल सोच का उदाहरण बनेगा।
समाज कल्याण की सशक्त पहल
समाज के प्रति ज़िम्मेदारी निभाते हुए मेले में रक्तदान शिविर, नेत्रदान शिविर और देहदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान का संदेश होगा —
“जीते जी रक्तदान, जाते-जाते नेत्रदान और देहदान।”
इस पहल के अंतर्गत 11 देहदान करने वाले परिवारों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा और इच्छुक लोगों की फॉर्म-फिलिंग ऑन-साइट कराई जाएगी।
हरित स्वागत: गुलदस्तों की जगह पौधे
रोटरी क्लब बिलासपुर ग्रीन के सहयोग से मेले में आने वाले प्रमुख अतिथियों का स्वागत गुलदस्तों के स्थान पर पौधे भेंट कर किया जाएगा। यह पहल ग्रीन बिलासपुर मिशन को मजबूती देगी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगी।
छह दिनों की निशुल्क सीपीआर ट्रेनिंग
रोटरी क्लब बिलासपुर यूनाइटेड के डॉ. सिद्धार्थ वर्मा द्वारा मेले के परिसर में ही छह दिनों की निशुल्क सीपीआर ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें डमी मॉडल्स पर प्रैक्टिकल अभ्यास कराया जाएगा। इस प्रशिक्षण में सफल प्रतिभागियों को लाइफ़ सेवियर सर्टिफ़िकेट प्रदान किया जाएगा और साथ ही उनका निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाएगा। यह प्रशिक्षण आपात स्थितियों में जीवन बचाने की क्षमता विकसित करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।
कला प्रेमियों के लिए विशेष आर्ट एग्ज़िबिशन
कला प्रेमियों के लिए बिलासपुर के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा एक भव्य आर्ट एग्ज़िबिशन आयोजित की जाएगी, जिसमें शहर के जाने-माने चित्रकार और कोलाज आर्टिस्ट्स अपनी उत्कृष्ट कृतियाँ प्रदर्शित करेंगे। यह मंच स्थानीय कला और रचनात्मकता को नई पहचान देगा।
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर 30 जनवरी 2026 को सद्भावना मैराथन दौड़ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विजेताओं को पुरस्कार एवं सर्टिफिकेट वितरित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य सभी नागरिकों के बीच सौहार्द, सद्भावना, समानता और एकता के भाव को उत्पन्न करना एवं बनाए रखना है।
मेले में प्रतिदिन सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम होंगे जैसे औरंगाबाद के जादूगर अपना जादू प्रदर्शन करेंगे, फोक आर्टिस्ट्स द्वारा छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक एवं पारम्परिक नृत्य का आयोजन होगा, इसके अलावा भक्तिमय कार्यक्रम भी इस बेला में शामिल होंगे। मेले का समापन भक्तिमय वातारण के साथ सिया के राम नाट्य प्रस्तुति के साथ किया जाएगा।
एक मेला, अनेक अनुभव
शॉपिंग, स्वादिष्ट व्यंजन, मनोरंजन, बिज़नेस नेटवर्किंग, समाज सेवा, सम्मान समारोह और सीखने के अवसर, यह सब कुछ एक ही मंच पर उपलब्ध होगा। इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क है और यह सभी नागरिकों के लिए खुला है।
तैयारियाँ अंतिम चरण में, अब इंतज़ार आपका
अधिकांश स्टॉल्स पहले ही बुक हो चुके हैं और तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। अब बस इंतज़ार है बिलासपुर की जनता का।
आइए, देखें और इस वर्ल्ड-क्लास अनुभव का हिस्सा बनें।
