बिलासपुर :- लिंगियाडीह अतिक्रमण हटाने के मुद्दे पर नगर निगम की सामान्य सभा हंगामे और राजनीतिक बयानबाजी के बीच सुर्खियों में रही। 175 से अधिक कब्जे हटाए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सभा स्थल लखीराम ऑडिटोरियम के बाहर जुटे और प्रदर्शन किया, जबकि वार्ड 47 के रहवासी करीब तीन महीनों से पुनर्वास की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।

इस पूरे घटनाक्रम पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी के शहर व ग्रामीण अध्यक्षों सहित पार्षदों पर दर्ज FIR सरकार की असंवेदनशील और दिशाहीन कार्यशैली को दर्शाती है।उन्होंने कहा कि आम जनता की भावनाओं की अनदेखी कर कार्रवाई करना और शांतिपूर्ण विरोध को अपराध की तरह लेना लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।सदन के भीतर वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल द्वारा मुद्दा उठाए जाने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और नारेबाजी हुई, जिसके चलते कार्यवाही कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से बसे परिवारों को हटाकर वहां कॉम्पलेक्स निर्माण की योजना बनाई जा रही है, जिससे सैकड़ों लोग प्रभावित होंगे, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है।इधर प्रदर्शन और चक्का जाम के मामले में पुलिस ने कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई करते हुए सिविल लाइन थाना में शहर व ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, सिद्धांशु मिश्रा सहित सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि जनता की आवाज़ दबाई नहीं जा सकती और संघर्ष जारी रहेगा।
