बिलासपुर :- आगामी 15 नवंबर से प्रदेश में धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू होनी है, लेकिन इससे पहले सहकारी समिति कर्मचारियों का आंदोलन तेज हो गया है। अपनी लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ सहकारी समितियों के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।

आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी।कर्मचारियों ने वीर सावरकर मैदान रायपुर से विशाल रैली निकालकर नेहरू चौक होते हुए कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए शासन से अपने मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।

रुद्र दत्त तिवारी,,महासचिव सहकारी समिति संघ ने बताया कि समस्त कर्मचारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया और चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो धान खरीदी गंभीर रूप से प्रभावित होगी।छत्तीसगढ़ सहकारी समितियों के कर्मचारी संघ का कहना है कि वर्ष 2058 सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों की सेवा दी जा रही है, परंतु सरकार ने उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। कर्मचारियों ने नियमितीकरण, वेतनवृद्धि, और सेवा शर्तों में सुधार जैसी कई प्रमुख मांगें रखी हैं।

उन्होंने बताया कि कई बार शासन से चर्चा के बाद भी ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से अब धान खरीदी की तैयारी पर संकट गहराने लगा है। यदि शासन और कर्मचारी संघ के बीच जल्द सहमति नहीं बनती है, तो इसका सीधा असर किसानों पर पड़ेगा। धान खरीदी की प्रक्रिया में देरी होने पर किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है, जिसे रोकने के लिए प्रशासन को जल्द पहल करनी होगी।
