बिलासपुर :- बिलासपुर रेलवे स्टेशन से 29 अक्टूबर की दोपहर डेढ़ साल के मासूम के लापता होने की घटना ने जीआरपी एवं आरपीएफ की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।मध्यप्रदेश के दमोह सागर निवासी पीड़ित दंपति का बच्चा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से एक अज्ञात महिला उठा ले गई थी।

परिवार ने तत्काल जीआरपी से शिकायत की, लेकिन तीन दिन तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।थकहारकर पीड़ित परिवार केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू तक पहुंचा और पूरी घटना बताई। मंत्री के हस्तक्षेप के बाद जीआरपी को तत्काल संज्ञान लेने के निर्देश दिए गए। इसके बाद 31 अक्टूबर की शाम जीआरपी ने अज्ञात महिला के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया।

सीसीटीवी फुटेज में महिला बच्चे को गोद में लेकर प्लेटफॉर्म से बाहर जाती दिखाई दी है।जीआरपी ने आसपास के बस स्टैंड, रेलवे ट्रैक और शहर के इलाकों में तलाशी शुरू कर दी है। स्टेशन से बच्चे को उठाने वाली महिला की पहचान के प्रयास जारी हैं।मीडिया को जानकारी देते हुए पीड़ित परिवार ने कहा कि यदि समय पर जीआरपी पुलिस सुन लेती तो बच्चा शायद अब तक मिल जाता। अब अपहरण का मामला दर्ज होने के बाद जीआरपी बच्चे की तलाश में जुट गई है, लेकिन घटना ने सुरक्षा और पुलिस संवेदनशीलता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
