बिलासपुर :- पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम ताला और टिकैत पेण्ड्री में आयोजित गौरा-गौरी महोत्सव में शामिल होकर विधिवत पूजा-अर्चना की और क्षेत्रवासियों से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि गौरा-गौरी पर्व हमारी लोक परंपरा और संस्कृति का जीवंत प्रतीक है, जो हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है। कौशिक ने कहा कि यह पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक आस्था का अद्भुत उत्सव है, जिसमें हर वर्ग और समुदाय के लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में भक्ति, संगीत और लोकनृत्य की गूंज है गांव-गांव में गूंजते भजन, माताओं-बहनों की श्रद्धा और युवाओं का उत्साह इस पर्व को विशेष बनाते हैं। महिलाओं द्वारा प्रस्तुत सुवा नृत्य और बालिकाओं के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उत्सव में और भी रंग भर दिए। कौशिक ने इस अवसर पर माता गौरा और भगवान शंकर से क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।

इसके बाद कौशिक ने बोदरी और बरतोरी मंडल में आयोजित एस.आई.आर. मतदाता पुनरीक्षण कार्यशाला में भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल संगठनात्मक नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का कार्यक्रम है। मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है, और हर नागरिक का नाम इसमें शामिल होना लोकतांत्रिक अधिकार के साथ-साथ कर्तव्य भी है।

धरमलाल कौशिक ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर हर पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में जुड़वाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण का यह कार्य लोकतंत्र की मजबूती और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। कौशिक ने कहा कि जब प्रत्येक नागरिक जागरूक होगा, तभी सशक्त भारत और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव होगा।
