बिलासपुर :- छत्तीसगढ़ तेलुगु महासंगम बिलासपुर के तत्वावधान में पहली बार आयोजित होने जा रहे भव्य कार्तिक दीपोत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। महासंगम के उपाध्यक्ष बी. वेणुगोपाल राव ने बताया कि दक्षिण भारतीय समाज कार्तिक मास को अत्यंत पवित्र मानते हुए पूरे महीने सात्त्विक जीवन, नित्य पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन की परंपरा निभाता है।

इसी भावना के साथ बिलासपुर में पहली बार सामूहिक रूप से 2500 दीप जलाकर भगवान शिव की आराधना की जाएगी।उन्होंने कहा कि दक्षिण भारतीय महिलाएं प्रतिदिन सूर्योदय से पहले स्नान–ध्यान कर भगवान शिव की पूजा करती हैं और शाम को मंदिरों में आकाशदीप प्रज्वलित करती हैं। कार्तिक मास में की गई यह सामूहिक पूजा राष्ट्र, राज्य, समाज और समस्त जीव-जंतुओं के कल्याण की कामना के लिए की जाती है। राव ने कहा कि शनिवार को होने वाला यह दीपोत्सव बिलासपुर के लिए ऐतिहासिक होगा, जिसमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी उत्साहपूर्वक दीप जलाएंगे।

कार्यक्रम में रंगोली प्रतियोगिता और सुहागिन महिलाओं के फलदान का भी आयोजन रखा गया है।वेणुगोपाल राव ने बताया कि छत्तीसगढ़ तेलुगु महासंगम के संरक्षक वी. रामा राव और उनकी पत्नी द्वारा फलदान वितरण किया जाएगा।

आयोजन समिति द्वारा सभी भक्तों के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने बिलासपुर तथा पूरे छत्तीसगढ़ के सभी जाति–धर्म के लोगों से आग्रह किया कि वे इस पवित्र दीपोत्सव में सम्मिलित होकर दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से प्रदेश की सुख–समृद्धि और उन्नति की कामना करें।महासंगम के सदस्य यू. मुरली राव ने बताया कि दक्षिण भारतीय समाज का यह मास विशेष रूप से भगवान शिव और विष्णु को समर्पित माना जाता है। पूरे महीने समाज के लोग सुबह 5 बजे उठकर सूर्योदय से पहले स्नान–ध्यान करते हैं और शाकाहारी एवं सात्त्विक जीवन का पालन करते हैं।

इसके बाद प्रतिदिन वेंकटेश मंदिर में जाकर पूजा और दीप अरचना की जाती है। उन्होंने कहा कि सभी तेलुगु एवं दक्षिण भारतीय समाज के लोग इस आयोजन में एकत्र होंगे और 2500 दीपों के भव्य दीपोत्सव को सफल बनाएंगे।दोनों पदाधिकारियों ने पूरी बिलासपुर की जनता से अपील किया है कि वे 17 नवंबर को शाम 6 बजे होने वाले इस आध्यात्मिक महोत्सव में शामिल होकर कार्तिक दीपोत्सव की पवित्रता और भव्यता को और बढ़ाएं।
