बिलासपुर :- अहीर रेजिमेंट की मांग को लेकर चल रहा राष्ट्रीय आंदोलन आज अपने सबसे निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ से बुधवार को बड़ी संख्या में यादव समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता दिल्ली के जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए। उसलापुर रेलवे स्टेशन पर कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा, जहां से सभी जम्मूतवी सुपरफास्ट ट्रेन द्वारा उत्साह के साथ दिल्ली के लिए निकले।

इस रज-कलश यात्रा का नेतृत्व प्रदेश प्रभारी ममता यादव कर रही हैं। उनके साथ छत्तीसगढ़ के कई प्रमुख प्रतिनिधि—छोटेलाल यादव, अर्जुन यादव, सतानंद यादव, गजेन्द्र यादव, पुरुषोत्तम यादव, पूनम यादव, सविता यादव, बैसाखुराम यादव, श्रवण यादव, संतोष यादव, हिमांशु यादव सहित दर्जनों पदाधिकारी—दिल्ली पहुंचने निकले हैं।
कार्यकर्ता छोटे लाल यादव ने बताया कि यह यात्रा 12 अप्रैल को बिहार के छपरा से शुरू हुई थी। ‘रेजांग ला की पवित्र माटी’ से भरा यह कलश कई राज्यों की यात्राओं के बाद छत्तीसगढ़ पहुंचा था। उन्होंने बताया कि अहीर रेजिमेंट का गठन अब सिर्फ एक राज्य का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे देश के यादव समाज की पहचान, सम्मान और अधिकार का प्रश्न है।
छोटे लाल यादव ने कहा कि रेजांगला के वीर शहीदों के बलिदान की प्रतीक यह यात्रा समाज को एकजुट करने का माध्यम बन चुकी है। उनके मुताबिक, इस बार जंतर-मंतर पर उठने वाली आवाज इतनी मजबूत होगी कि सरकार को इस मुद्दे पर गंभीर निर्णय लेना पड़ेगा।

उधर, अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा (दिल्ली प्रदेश) ने इस यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए देशभर के यादव समाज से दिल्ली पहुंचने की अपील की है। महासभा ने कहा कि यह क्षण यदुवंश की गौरवशाली सैन्य परंपरा का सम्मान करने का अवसर है, जिसे पूरे भारत के प्रतिनिधि मिलकर मजबूत बना रहे हैं।महासभा ने याद दिलाया कि 18 नवंबर 1962 को चीन युद्ध के दौरान रेजांगला चौकी पर कुमाऊं रेजिमेंट के 114 अहीर जवानों ने अद्वितीय वीरता दिखाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्हीं की पवित्र माटी से तैयार यह ‘शहीदी रज कलश यात्रा’ 18 राज्यों से गुजरकर आज दोपहर 12 से 5 बजे के बीच जंतर-मंतर पहुंचेगी, जहां इसका भव्य समापन होगा।
प्रदेश प्रभारी ममता यादव ने कहा कि यह यात्रा सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वीर अहीर जवानों के बलिदान को सम्मान दिलाने और अहीर रेजिमेंट की मांग को राष्ट्रव्यापी आवाज देने का संकल्प है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से भारी संख्या में समाजजन इस ऐतिहासिक समापन में शामिल होंगे।




