बिलासपुर :- छत्तीसगढ़ तेलुगु महासंघम द्वारा रेलवे रामलीला मैदान में रविवार शाम पहली बार कार्तिक मास दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मिलकर 2500 दीप प्रज्वलित किए, जिससे पूरा मैदान सुनहरी रोशनी से जगमगा उठा और वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

शिवलिंग अभिषेक और सामूहिक दीपदान

कार्यक्रम की शुरुआत महासंघम के संरक्षक व्ही. रामा राव और उनके परिवार द्वारा अस्थायी शिवलिंग पर दीप अर्पण और रुद्राभिषेक से हुई। इसके बाद जब समाजजन ने एक साथ 12-12 दीप जलाकर सामूहिक दीपदान किया, तो पूरा परिसर एक दिव्य महोत्सव में बदल गया।
रंगोली और भक्ति-संगीत ने बढ़ाई शोभा

दीपोत्सव में रंगोली प्रतियोगिता, भक्ति-संगीत और पारंपरिक तेलुगु सांस्कृतिक झलकियों ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया। महिलाएँ, बच्चे और बुजुर्ग सभी उत्साहपूर्वक शामिल हुए, जिससे आयोजन का माहौल परिवारिक और सौहार्दपूर्ण बना रहा।
महापौर पूजा विधानी ने की परंपरा की सराहना

अतिथि महापौर पूजा विधानी ने कहा कि तेलुगु समाज पहली बार इतने बड़े स्तर पर सार्वजनिक दीपोत्सव मना रहा है और यह आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का अनूठा उदाहरण है। उन्होंने बताया कि कार्तिक मास में दीपदान, स्नान और दान पुण्य का प्रतीक माना जाता है और इस तरह के आयोजनों से परंपराएँ और मजबूत होती हैं।
अरुण पटनायक ने महिलाओं के योगदान को सराहा

कार्यक्रम के अतिथि अरुण पटनायक ने कहा कि तेलुगु समाज सदियों से त्योहारों को भव्यता के साथ मनाने के लिए जाना जाता है। इस दीपोत्सव में शिव अभिषेक, रंगोली और दीप प्रज्ज्वलन ने उत्सव को और पवित्र बना दिया। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और सहयोग की प्रशंसा की।
वर्षों पुरानी इच्छा हुई पूरी – रामा राव

महासंघम के संरक्षक व्ही. रामा राव ने बताया कि कार्तिक मास तेलुगु समाज के लिए अत्यंत पवित्र है, जिसमें महिलाएँ सूर्योदय से पहले पूजा करती हैं और शाम को भगवान बालाजी के समक्ष दीप जलाती हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से समाज की इच्छा थी कि बिलासपुर में सामूहिक दीपोत्सव हो, और इस वर्ष पहली बार यह परंपरा शुरू की गई है, जो आगे और भी भव्य रूप लेगी।
