बिलासपुर :- नेशनल हेराल्ड केस को लेकर जहां कांग्रेस केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर है, वहीं बिलासपुर में पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता के एक बयान ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत की टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने प्रवर्तन निदेशालय और CBI पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ न तो कोई ठोस कानूनी आधार है और न ही मनी लॉन्ड्रिंग का प्रमाण।

इसी मुद्दे को लेकर शनिवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय प्रवक्ता विंग कमांडर अनुमा आचार्य बिलासपुर प्रवास पर रहीं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पदाधिकारियों से मुलाकात की और शहर के एक होटल में पत्रकारों से वार्ता की।पत्रकार वार्ता में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, शहर अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा, पूर्व जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी, पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांडेय, वरिष्ठ नेता सियाराम कौशिक सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हालांकि सवाल-जवाब के दौरान विवाद उस वक्त बढ़ गया जब राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि “मैं जो कहूंगी, आप लिख नहीं पाओगे।” इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर टिप्पणी करते हुए उसे “ब्राह्मणवाद सरकार” बताया।इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी की तीखी आलोचना शुरू हो गई है। ब्राह्मण समाज में नाराजगी देखी जा रही है, वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस टिप्पणी ने कांग्रेस को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है। फिलहाल अब सबकी नजर इस बयान पर कांग्रेस की आधिकारिक सफाई और आगे की रणनीति पर टिकी हुई है।
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