बिलासपुर :- तोरवा थाना क्षेत्र के हेमू नगर इशिका पार्क के पास हुई मारपीट की घटना ने अब भावनात्मक और संवेदनशील मोड़ ले लिया है। भाजपा पार्षद के भतीजे और भाजपा पूर्वीमंत्री वेंकट राव बुधवार को वार्डवासियों और समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी पीड़ा सामने रखी। उनकी आंखों में डर और आवाज में आक्रोश साफ था उन्होंने खुद को आरोपी नहीं, बल्कि साजिश का शिकार बताया।वेंकट राव ने बताया कि एक कार्यक्रम से लौटने के बाद जब वे भाजपा कार्यालय पहुंचे, तो उनकी गाड़ी के साथ छेड़छाड़ की गई। विरोध करने पर माहौल तनावपूर्ण हुआ, लेकिन वे विवाद से बचते हुए लौट आए। उनका कहना है कि असली टकराव अगले दिन हुआ, जब वे कार्यालय पहुंचे और वहां मौजूद लोगों ने अचानक गाली-गलौज शुरू कर दी।

आरोप है कि विवाद बढ़ते ही महिलाओं के साथ आए युवकों ने उन पर नुकीले औजारों और पत्थरों से हमला कर दिया। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं और खून से लथपथ हालत में वे सीधे थाने पहुंचे। मारपीट के दौरान उनके गले से सोने की चेन भी गायब हो गई। वेंकट राव का कहना है कि उस पल उन्हें अपनी जान बचाने की ही चिंता थी।उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वे लंबे समय से क्षेत्र में जुआ, शराबखोरी और अवैध गतिविधियों का विरोध करते रहे हैं। यही वजह है कि उन्हें डराने और बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। घटना के बाद सोशल और स्थानीय स्तर पर उन्हें दबंग और आरोपी बताकर एक झूठी कहानी गढ़ी गई, जिससे न सिर्फ उनकी बल्कि पूरे पार्षद परिवार की छवि को ठेस पहुंची है।

इस बीच वेंकट राव के समर्थन में बड़ी संख्या में वार्डवासी थाने पहुंचे और पुलिस को ज्ञापन सौंपा। लोगों ने कहा कि वे पुलिस की शुरुआती कार्रवाई से संतुष्ट हैं, लेकिन उन्हें आशंका है कि सच्चाई को दबाने की कोशिश हो सकती है। वेंकट राव ने पुलिस पर भरोसा जताते हुए कहा—“मुझे सिर्फ इंसाफ चाहिए, ताकि सच सामने आए और कोई बेगुनाह बदनाम न हो।”
