बिलासपुर :- बिलासपुर जिले के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और अपमान का मामला सामने आया है। जिला पंचायत सदस्य स्मृति त्रिलोक श्रीवास ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि क्षेत्र में लोकतांत्रिक परंपराओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि सुशांत शुक्ला के संरक्षण में विभागीय अधिकारी विपक्ष से जुड़े जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक कार्यक्रमों में जानबूझकर नजरअंदाज कर रहे हैं। उनके मुताबिक यह स्थिति पिछले दो वर्षों से लगातार बनी हुई है, जब से वर्तमान विधायक पद पर हैं।

श्रीवास ने बताया कि पंचायत राज व्यवस्था के तहत शासकीय कार्यक्रमों—जैसे उद्घाटन, शिलान्यास और अनावरण—में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करना और शिलालेख में नाम अंकित करना एक स्थापित परंपरा और प्रोटोकॉल रहा है। लेकिन वर्तमान में केवल सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों को ही प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि कई कार्यक्रमों में संगठन के पदाधिकारियों के नाम तक शामिल किए जा रहे हैं, जबकि कांग्रेस और अन्य दलों से जुड़े निर्वाचित प्रतिनिधियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। अधिकारियों से पूछने पर “ऊपर से निर्देश” का हवाला दिया जाता है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।
स्मृति श्रीवास ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में इस स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो संबंधित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का घेराव किया जाएगा तथा शासकीय कार्यक्रमों का बहिष्कार भी किया जा सकता है। उन्होंने इस पूरे मामले को लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया है।
