छत्तीसगढ़ :- छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे। राजधानी रायपुर से नवा रायपुर तक पूरे मार्ग पर लोक संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा और रंग-बिरंगी सजावट में शहर प्रधानमंत्री के स्वागत में झूम उठा। हर वर्ग के लोगों युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने उमंग और उल्लास के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने भी मुस्कुराकर हाथ हिलाया और जनता का अभिवादन स्वीकार किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत राजधानी के जैनम मानस, जीएसटी पॉइंट, मंदिर हसौद क्रॉसिंग, लखपति दीदी पॉइंट, टी पॉइंट, नक्सल मुक्त भारत पॉइंट, फेसिलिटी सेंटर, प्रधानमंत्री आवास योजना पॉइंट और सीबीडी एंट्री सेक्टर जैसे कई स्थानों पर धूमधाम से किया गया। पूरा छत्तीसगढ़ इस अवसर पर रजत जयंती पर्व की चमक में नहाया हुआ नजर आया। प्रदेशभर में सांस्कृतिक झांकियों, नृत्य प्रस्तुतियों और पारंपरिक परिधानों में सजे नागरिकों ने लोक रंगों के बीच प्रधानमंत्री का स्वागत किया।नवा रायपुर में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की इस पावन भूमि से उनका आत्मीय संबंध रहा है यही भूमि उनके जीवन को दिशा देने वाली रही है।अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने संविधान सभा के सदस्यों, रवीशंकर शुक्ल, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए कहा कि जिनके सपनों के बल पर छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण हुआ, आज वह सपना साकार हो गया है। उन्होंने कहा — “नया विधानसभा भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि प्रदेश की 25 वर्षों की मेहनत, जनता की आकांक्षाओं और गौरव का प्रतीक है।प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक मुरिया दरबार परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे पहले मुरिया दरबार आम जनता की संसद होती थी, वैसे ही इस नए विधानसभा भवन में भी जनता की आवाज हमेशा गूंजती रहेगी। उन्होंने कहा कि यह भवन लोकतंत्र की नई दिशा और नए युग की शुरुआत का प्रतीक बनेगा।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा क्रिकेट में कप्तान खेल छोड़ देता है, लेकिन राजनीति में डॉ. रमन सिंह इसका अपवाद हैं। वे पहले कप्तान थे, अब खिलाड़ी बनकर टीम के लिए काम कर रहे हैं।इस दौरान सभा स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।प्रधानमंत्री मोदी ने याद किया कि वर्ष 2000 में जब छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना हुई थी, तब पहली विधानसभा की बैठक सीमित संसाधनों के बीच राजकुमार कॉलेज में हुई थी। लेकिन, उन्होंने कहा कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती, और आज 25 सालों बाद वही सपना साकार होकर देश के सामने खड़ा है। उन्होंने इसे जन आकांक्षा और जनभागीदारी की जीत बताया।प्रधानमंत्री मोदी ने रायपुर में ब्रह्माकुमारी संस्थान के शांति शिखर ध्यान केंद्र का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि राज्य का विकास, देश के विकास की कुंजी है और ऐसी संस्थाएं समाज में शांति, सद्भाव और सकारात्मकता का संदेश देती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा मैं यहां अतिथि नहीं हूँ, मैं आपका हूँ। आचरण ही सबसे बड़ा धर्म, तप और ज्ञान है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रह्माकुमारी आंदोलन से उनका जुड़ाव कई दशकों पुराना है और उन्होंने इसे एक विशाल बटवृक्ष की तरह बढ़ते देखा है। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे करने के बाद अब विकास, समृद्धि और सुशासन की नई ऊँचाइयों को छुएगा। प्रधानमंत्री के इस दौरे ने न केवल राज्य के गौरव को बढ़ाया बल्कि छत्तीसगढ़ के लिए विकास और लोकतंत्र के नए युग की शुरुआत का संदेश भी दिया।
