बिलासपुर :- भारतीय रेल के ट्रेन मैनेजरों ने अपनी वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान के लिए एक बार फिर आवाज बुलंद की है। ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर रेल मंत्रालय से 9 प्रमुख मांगों पर तत्काल और न्यायसंगत कार्रवाई की मांग की है।काउंसिल ने कहा कि ट्रेन मैनेजरों की कई शिकायतें बीते दो दशक से लंबित हैं। कई बार ज्ञापन देने और अपील करने के बावजूद अब तक किसी ठोस कार्रवाई का अभाव रहा है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल लगातार गिर रहा है।

काउंसिल की पहली और अहम मांग है 8वें वेतन आयोग का जल्द क्रियान्वयन और इसके लिए मंत्रालयिक व सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति। साथ ही, असिस्टेंट गार्ड जैसे गैर-मौजूद पद को सभी रिकॉर्ड से हटाने की भी मांग रखी गई है।इसके अलावा, काउंसिल ने गुड्स गार्ड्स के वेतन स्तर में सुधार और एमएसीपी लाभ देने पर भी जोर दिया है। रनिंग अलाउंस में 25 प्रतिशत वृद्धि की मांग करते हुए कहा गया कि यह अन्य भत्तों की तरह ही लागू होना चाहिए, लेकिन अब तक इसे नज़रअंदाज़ किया गया है।

काउंसिल ने रेलवे बोर्ड द्वारा जारी 24 जनवरी 2025 के जेपीओ को भी सुरक्षा मानकों के विरुद्ध बताते हुए निरस्त करने की मांग की है। वहीं 28 प्रतिशत से अधिक रिक्त पदों को भरने और कर्मचारियों को समय पर विश्राम और छुट्टी देने की अपील भी की गई है।ऑल इंडिया गार्ड के मीडिया प्रभार रजनी पटेल ने बताया कि वे उम्मीद कर रहे हैं कि आगामी दिन आयोजित होने वाले पे कमीशन के बैठक में इनके हित मे फैसला लिया जायेगा।अन्यथा आगामी दिन ये रेल प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करेंगे।काउंसिल ने अंत में कहा कि रनिंग अलाउंस पर आयकर छूट सीमा को 10,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये किया जाए, ताकि कर्मचारियों की वास्तविक आय पर कर का बोझ न पड़े। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर इन मुद्दों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो रेलवे कर्मचारियों के बीच असंतोष और बढ़ेगा।
