बिलासपुर :- पेंड्रा–बिलासपुर के पूर्व कांग्रेस विधायक शैलेश पांडे, पाली-तानाखार के पूर्व विधायक मोहित केरकेट्टा और मरवाही के पूर्व विधायक डॉ. के.के. ध्रुव ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मनरेगा को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। नेताओं ने कहा कि नए वीबी-जी राम-जी कानून के जरिए मनरेगा जैसी ऐतिहासिक रोजगार गारंटी योजना को खत्म करने की साजिश की जा रही है, जिसके खिलाफ कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी।
कांग्रेस नेताओं ने ऐलान किया कि 11 जनवरी से 25 फरवरी तक देशभर में “मनरेगा बचाओ संग्राम” चलाया जाएगा। आंदोलन की शुरुआत 11 जनवरी को महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय उपवास से की जाएगी। कांग्रेस का आरोप है कि नए कानून से रोजगार का अधिकार खत्म हो जाएगा और पंचायतों की भूमिका कमजोर कर दी जाएगी।

पूर्व विधायक मोहित केरकेट्टा ने कहा कि नए कानून के तहत राज्य सरकारों पर करीब 50 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाला जा रहा है। पहले मनरेगा के तहत 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार वहन करती थी, लेकिन अब इसे 60:40 के अनुपात में बांटा जा रहा है। साथ ही पहले राज्य को 50 प्रतिशत राशि “मैचिंग ग्रांट” के रूप में जमा करनी होगी, तभी केंद्र की राशि मिलेगी, जो राज्यों के लिए बेहद मुश्किल है।
पूर्व विधायक शैलेश पांडे ने कहा कि मनरेगा एक अधिकार आधारित कानून था, जिसे अब एक केंद्र नियंत्रित योजना में बदला जा रहा है। इससे मजदूरों का कानूनी अधिकार खत्म हो जाएगा और रोजगार पूरी तरह केंद्र सरकार की मर्जी पर निर्भर हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज और काम की गरिमा की सोच पर सीधा हमला है।
डॉ. के.के. ध्रुव ने मांग की कि मनरेगा मजदूरी बढ़ाकर 400 रुपये प्रतिदिन की जाए। उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में मौजूदा मजदूरी अपर्याप्त है। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद लगभग 70 प्रतिशत गांवों में अघोषित रूप से मनरेगा का काम बंद कर दिया गया है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान मनरेगा के तहत राष्ट्रीय औसत केवल 38 दिन का ही रोजगार मिला है। जब 100 दिन का रोजगार कभी सही ढंग से दिया ही नहीं गया, तो 125 दिन का दावा केवल दिखावा और भ्रम फैलाने की कोशिश है।

नेताओं ने कहा कि नया वीबी-जी राम-जी एक्ट गरीब और मजदूर विरोधी है। इसके तहत हर साल तय समय पर रोजगार बंद करने की व्यवस्था होगी, जिससे मजदूर महीनों तक काम से वंचित रह सकते हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इससे गरीबों का जीवन पूरी तरह सरकार की दया पर निर्भर हो जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की नवनियुक्त जिला अध्यक्ष गजमती भानु, कोटा विधायक प्रतिनिधि पंकज तिवारी, महामंत्री पुष्पराज सिंह, वरिष्ठ कांग्रेसी ओमप्रकाश बंका, पूर्व एल्डरमैन मदन सोनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि मनरेगा मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह संघर्ष अंतिम दम तक जारी रहेगा।
