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बिलासपुर :- कोटा स्थित Dr. C. V. Raman University से बी-फार्मा के छात्र रोहित कुमार के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला अब विश्वविद्यालय प्रबंधन पर सवालों की बौछार कर रहा है। सेमेस्टर-3 का छात्र पिछले छह दिनों से गायब है, लेकिन अब तक उसका कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। बेटे की तलाश में बिहार से बिलासपुर पहुंचे परिजन विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं।

परिजनों के अनुसार गया (बिहार) निवासी रोहित कुमार विश्वविद्यालय के छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा था। 6 मार्च से उसके अचानक लापता होने की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने तलाश शुरू की और 7 मार्च को थाना कोटा में गुमशुदगी की सूचना भी दर्ज कराई, लेकिन 12 मार्च तक भी छात्र का कोई पता नहीं चल सका। इससे परिवार की चिंता और आक्रोश दोनों बढ़ गए हैं।
परिवार का आरोप है कि विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। उनका कहना है कि कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, परिसर की बाउंड्री वॉल जर्जर हालत में है और छात्रावास की निगरानी भी बेहद कमजोर है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सैकड़ों छात्रों वाले परिसर से एक छात्र अचानक कैसे गायब हो गया और प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं लगी।

परिजनों ने यह भी बताया कि रोहित कुमार का छात्रावास में कुछ साथियों से अक्सर विवाद होता था। आवेदन में उन्होंने हितेश पाण्डेय, सोहेल अली, पंकज कुमार, रश्मि बर्मा, ज्योति गुप्ता और अफाहिम लहरी के नाम का उल्लेख करते हुए पूरे घटनाक्रम में इनकी भूमिका की जांच की मांग की है। परिवार ने संबंधित व्हाट्सएप चैट और कॉल डिटेल्स भी पुलिस को सौंपने की बात कही है।
मामले को और गंभीर बनाता है वह संदेश, जो रोहित ने लापता होने से पहले अपनी मां को भेजा था। परिजनों के मुताबिक उस संदेश में छात्र ने हॉस्टल में रहने को अपनी जान के लिए खतरा बताया था। इतना ही नहीं, बेटे की तलाश में विश्वविद्यालय पहुंचे परिजनों ने वहां उनके साथ मारपीट किए जाने की शिकायत भी अधिकारियों से की है।
इधर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और छात्र की तलाश की जा रही है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि रोहित कुमार ऑनलाइन गेमिंग में सक्रिय था और उसके खाते से करीब 7 लाख रुपये के लेन-देन की जानकारी मिली है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर विश्वविद्यालय परिसरों में छात्रों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और प्रबंधन की जवाबदेही पर गंभीर बहस खड़ी कर दी है, खासकर Dr. C. V. Raman University के प्रशासनिक तंत्र पर।
