बिलासपुर :- बिलासपुर वनमंडल में महिला कर्मचारी के सम्मान से खिलवाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने विभाग की कार्यसंस्कृति और महिला सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अनुसंधान एवं विस्तार वनमंडल में पदस्थ महिला वनरक्षक ओसिन रानी सिंह ने अपने ही विभाग के दो वनरक्षकों पर अभद्र टिप्पणी और अमर्यादित व्यवहार का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत सौंप दी है। इस शिकायत के सामने आते ही विभाग में हड़कंप मच गया है।

महिला वनरक्षक ने अपनी शिकायत में बताया है कि 4 मार्च 2026 को दोपहर करीब 1:47 बजे आरोपी वनरक्षक बसंत महिलांगे के मोबाइल नंबर से उनके फोन पर मिस कॉल आया। उस समय वे कॉल रिसीव नहीं कर सकीं, लेकिन उनके मोबाइल के वॉइसमेल में करीब 1 मिनट से अधिक की रिकॉर्डिंग दर्ज हो गई। इस रिकॉर्डिंग को सुनने के बाद वे स्तब्ध रह गईं, क्योंकि इसमें उनके बारे में बेहद अभद्र और अशोभनीय टिप्पणियां की गई थीं।
आरोप है कि बातचीत में सिर्फ महिला कर्मचारी के लिए ही नहीं बल्कि उनकी माता के लिए भी अपमानजनक और असभ्य शब्दों का इस्तेमाल किया गया। पीड़िता का कहना है कि इस घटना से उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। उनका आरोप है कि सहकर्मियों द्वारा इस तरह की भाषा का प्रयोग सरकारी सेवा की मर्यादा को तार-तार करता है।

महिला वनरक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य वनसंरक्षक और वनमंडलाधिकारी को आवेदन सौंपते हुए साक्ष्य के तौर पर वॉइस रिकॉर्डिंग वाली पेन ड्राइव भी दी है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर मांग की है कि आरोपी वनरक्षक बसंत महिलांगे और भूपेंद्र डहरिया के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाए और उन्हें पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की अनुमति भी दी जाए, ताकि कानून के तहत उचित कार्रवाई हो सके।

हालांकि सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर विभाग के भीतर ही महिला कर्मचारियों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली घटनाएं सामने आएंगी तो फिर सुरक्षा और संवेदनशील कार्यस्थल के दावे कितने खोखले साबित होंगे। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वन प्रशासन इन आरोपों को महज औपचारिक जांच तक सीमित रखता है या फिर दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई कर विभाग में अनुशासन और महिला सम्मान का स्पष्ट संदेश देता है।
शिकायत कॉपी

इस पूरे मामले पर वनमंडलाधिकारी नीरज ने भी माना है कि महिला कर्मचारी की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम से जुड़े नियमों के तहत गठित आंतरिक शिकायत समिति (ICC) को सौंप दिया गया है। समिति द्वारा जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी
नीरज,,वन मंडलाधिकारी बिलासपुर
