बिलासपुर :- बिलासपुर के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में होली मिलन कार्यक्रम रंग बरसे 5.0 के दौरान हुई मारपीट ने शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर गंभीर बहस छेड़ दी है। परीक्षा के संवेदनशील समय में इस तरह का माहौल कई सवाल खड़े कर रहा है।

सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में दो छात्र गुटों के बीच मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक निजी विवाद से शुरू हुआ झगड़ा धक्का-मुक्की और मारपीट तक पहुंच गया, जिसमें कई छात्रों को चोटें आईं और कैंपस में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।यह लगातार दूसरी घटना है जब होली कार्यक्रम के दौरान कैंपस में बवाल हुआ और वीडियो वायरल होने के बावजूद अब तक सख्त कार्रवाई नहीं होने से पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन दोनों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि सख्ती की कमी से असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ रहे हैं।इधर बिलासपुर रेंज के डीआईजी रजनेश सिंह पहले ही त्योहारों में शांति व्यवस्था बनाए रखने की चेतावनी दे चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके उलट दिखाई दे रहे हैं।

सवाल यह भी है कि अगर पहले ही सख्त कदम उठाए जाते तो क्या दोबारा ऐसी नौबत आती।सबसे बड़ा मुद्दा परीक्षा के दौरान ऐसे आयोजनों की अनुमति को लेकर उठ रहा है। एक ओर नरेंद्र मोदी का परीक्षा पर चर्चा अभियान और विष्णु देव साय सहित प्रशासनिक अधिकारी छात्रों को पढ़ाई के लिए प्रेरित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तेज डीजे और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम पढ़ाई के माहौल को प्रभावित कर रहे हैं।पूरी घटना ने यह साफ कर दिया है कि यदि शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और अनुमति प्रक्रिया पर सख्ती नहीं हुई तो ऐसे आयोजन छात्रों के भविष्य पर भारी पड़ सकते हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या प्रशासन जिम्मेदारी तय कर ठोस कार्रवाई करेगा या फिर सवाल यूं ही गूंजते रहेंगे।
देखें पूरी वीडियो
