बिलासपुर :- त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने राज्य सरकार के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें बेरोजगारी, महंगाई और ग्रामीण विकास जैसे अहम मुद्दों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि बजट आम जनता की सोच और जरूरतों के अनुरूप नहीं है।उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले किए गए वादों की झलक बजट में नजर नहीं आती। खासतौर पर युवाओं के लिए बेरोजगारी भत्ता और शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कोई ठोस घोषणा नहीं की गई है, जिससे युवाओं में निराशा का माहौल है।

श्रीवास ने कहा कि शिक्षा, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग में बड़ी संख्या में रिक्त पद होने के बावजूद भर्ती को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं दिख रहा है। उनके मुताबिक इससे सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता और रोजगार दोनों प्रभावित होंगे।ग्रामीण विकास के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बजट में इस क्षेत्र को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिली। उनका दावा है कि पंचायतों को अपेक्षित वित्तीय सहयोग नहीं मिल पा रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य सीमित हो गए हैं, जिससे गांवों की बुनियादी जरूरतें प्रभावित हो रही हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जनता की उम्मीदों और जमीनी जरूरतों को देखते हुए बजट में अधिक ठोस और व्यापक प्रावधान किए जाने चाहिए थे, ताकि रोजगार, महंगाई नियंत्रण और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर वास्तविक सुधार दिखाई दे सके।
